नई दिल्ली
DRI Wildlife Smuggling Action 2026: हाथी दांत, तेंदुए की खाल, पैंगोलिन और बाघ के अंग बरामद, 11 लोग पकड़े गएअवैध वन्यजीव तस्करी और संरक्षित वन्यजीव उत्पादों के गैर-कानूनी व्यापार के खिलाफ डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए तीन अलग-अलग अभियानों में DRI ने हाथी दांत से बनी चार वस्तुएं, तेंदुए की खाल का एक टुकड़ा, दो जीवित पैंगोलिन, करीब 3 किलोग्राम बाघ की हड्डियां और बाघ के दो कैनाइन दांत बरामद किए हैं।
इन कार्रवाइयों में कुल 11 लोगों को पकड़ा गया है। DRI ने संबंधित वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए बरामद वन्यजीव उत्पादों और जीवित पैंगोलिन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया है।
हाथी दांत की तस्करी पर डिकॉय ऑपरेशन
वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए एक अभियान में DRI अधिकारियों को हाथी के दांत और उनसे बनी नक्काशीदार वस्तुओं की अवैध बिक्री की सूचना मिली थी। खुफिया जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने डिकॉय ऑपरेशन, यानी नकली ग्राहक बनकर कार्रवाई की। इस दौरान हाथी के चार दांतों से संबंधित वन्यजीव उत्पाद बरामद किए गए और कथित अवैध सौदे में शामिल तीन लोगों को पकड़ा गया। DRI के अनुसार, वाइल्ड लाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 की धारा 49B के तहत बिना वैध लाइसेंस हाथी दांत तथा उनसे बनी वस्तुओं को रखना, उनका व्यापार करना या लेन-देन करना प्रतिबंधित है। बरामद वस्तुओं और पकड़े गए लोगों को आगे की जांच तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर को सौंप दिया गया।

महाराष्ट्र के गोंदिया में तेंदुए की खाल बरामद
दूसरी कार्रवाई 29 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में पुराडा गांव के पास की गई। खुफिया जानकारी मिलने के बाद DRI अधिकारियों ने निगरानी की। इसके बाद दो संदिग्ध लोगों को रोका गया। अधिकारियों को संदेह था कि दोनों कथित रूप से तेंदुए का शिकार कर उसकी खाल बेचने की कोशिश कर रहे थे। तलाशी के दौरान तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। तेंदुआ यानी Panthera pardus, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में संरक्षित प्रजाति है। बरामद खाल और दोनों पकड़े गए लोगों को आगे की कार्रवाई के लिए फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, देओरिया रेंज, गोंदिया को सौंप दिया गया।
अल्लापल्ली में संयुक्त अभियान, पैंगोलिन और बाघ के अंग बरामद
तीसरी और बड़ी कार्रवाई 26 और 27 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के अल्लापल्ली वन क्षेत्र में की गई। यह अभियान DRI ने वन विभाग, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), मुंबई और USTR एंटी-पोचिंग यूनिट के साथ मिलकर चलाया। अभियान के दौरान वन्यजीवों के अवैध व्यापार में कथित रूप से शामिल होने के संदेह में छह लोगों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने एक जीवित वयस्क पैंगोलिन, एक जीवित पैंगोलिन का बच्चा, करीब 3 किलोग्राम बाघ की हड्डियां और बाघ के दो कैनाइन दांत व आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
पैंगोलिन क्यों है बेहद संरक्षित?
पैंगोलिन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित है और अनुसूची-I में शामिल है। इसके अलावा पैंगोलिन CITES Appendix-I में भी सूचीबद्ध है, जिसके कारण इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कड़े प्रतिबंध हैं। वन्यजीव तस्करी में पैंगोलिन को निशाना बनाए जाने की घटनाएं संरक्षण एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसी कारण जीवित पैंगोलिन की बरामदगी और उन्हें सुरक्षित बचाना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
बाघ के अंगों की अवैध तस्करी पर भी कार्रवाई
अल्लापल्ली अभियान में बरामद बाघ की हड्डियां और कैनाइन दांत भी गंभीर चिंता का विषय हैं। बाघ और उसके शरीर के अंगों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत उच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। जांच और आगे की तलाशी के दौरान अधिकारियों को बाघ के कथित अवैध शिकार, उसके अंगों के कब्जे, परिवहन और संभावित बिक्री से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले। वन विभाग ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन्यजीव उत्पादों के साथ-साथ आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया है।

DRI की इन तीन कार्रवाइयों को एक साथ देखें तो कुल 11 लोगों को पकड़ा गया है और अलग-अलग संरक्षित वन्यजीवों से जुड़े उत्पाद बरामद किए गए हैं।
| कार्रवाई | बरामदगी | पकड़े गए लोग |
|---|---|---|
| हाथी दांत डिकॉय ऑपरेशन | हाथी दांत से बनी 4 वस्तुएं | 3 |
| गोंदिया, महाराष्ट्र | तेंदुए की 1 खाल | 2 |
| अल्लापल्ली, महाराष्ट्र | 2 जीवित पैंगोलिन, 3 किलो बाघ की हड्डियां, 2 कैनाइन | 6 |
| कुल | कई संरक्षित वन्यजीव उत्पाद | 11 |
DRI की इन कार्रवाइयों से यह संकेत मिलता है कि एजेंसी केवल सीमा या परिवहन के स्तर पर ही नहीं, बल्कि वन्यजीव उत्पादों की खरीद, कब्जे, परिवहन और संभावित बिक्री के नेटवर्क को भी निशाना बना रही है। विशेष रूप से अल्लापल्ली में वन विभाग, WCCB और एंटी-पोचिंग यूनिट के साथ संयुक्त अभियान यह दिखाता है कि वन्यजीव तस्करी से निपटने के लिए विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को महत्व दिया जा रहा है।
हाथी, तेंदुआ, बाघ और पैंगोलिन जैसी प्रजातियां पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनके अंगों और उत्पादों की मांग अवैध शिकार तथा तस्करी को बढ़ावा दे सकती है। DRI की कार्रवाई का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसमें तस्करी के कथित नेटवर्क को बिक्री और वितरण से पहले ही पकड़ने की कोशिश दिखाई देती है। बरामद जीवित पैंगोलिन को सुरक्षित बचाना और संरक्षित वन्यजीव उत्पादों को जब्त करना संरक्षण प्रयासों की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है।
तीनों अभियानों में पकड़े गए लोगों और बरामद वन्यजीव उत्पादों को संबंधित वन अधिकारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन वन्यजीव उत्पादों की स्रोत, तस्करी, परिवहन और संभावित खरीदारों से संबंधित पूरी कड़ी क्या है। DRI की इन कार्रवाइयों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि संरक्षित वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनके अंगों के कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
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