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Meerut Air Show: सूर्यकिरण ने पहली बार मेरठ में दिखाए हवाई करतब, 1 लाख दर्शक रोमांचित

Meerut Air Show: Suryakiran performs aerial stunts in Meerut for the first time; over 100,000 spectators thrilled.

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पहली बार मेरठ में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का शानदार प्रदर्शन,

तिरंगे के रंगों से सजा आसमान; 9 Hawk Mk-132 विमानों ने दिखाए हैरतअंगेज हवाई करतब

डॉ दीपक शर्मा

मेरठ

Meerut Air Show: सूर्यकिरण ने पहली बार मेरठ में दिखाए हवाई करतब, 1 लाख दर्शक रोमांचित, भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने 19 और 20 सितंबर 2026 को पहली बार मेरठ के आसमान में अपने शानदार हवाई करतबों का प्रदर्शन किया। दो दिन तक चले इस विशेष एयर शो को देखने के लिए एक लाख से अधिक लोग पहुंचे। विद्यार्थियों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) कैडेट और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।

सूर्यकिरण टीम के प्रदर्शन की एक विशेष बात यह रही कि टीम के तीन सदस्य मेरठ से ही हैं, जिनमें हवाई करतब दिखाने वाले दो पायलट भी शामिल हैं। इससे स्थानीय लोगों के बीच इस प्रदर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने देखा एयर शो

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 20 सितंबर को मेरठ में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का प्रदर्शन देखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे अनुशासन, सटीकता, टीम भावना और पेशेवर दक्षता का बेहतरीन समन्वय बताया। उन्होंने सूर्यकिरण टीम के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए प्रदर्शन को भारतीय वायु सेना की क्षमताओं का प्रमाण बताया।

CM योगी ने भी पायलटों के साहस और सटीकता की सराहना की

प्रदर्शन के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी X पर सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के पायलटों की सटीकता और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि पायलटों ने आसमान को तिरंगे के रंगों से सजाते हुए अद्भुत सटीकता और साहस का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व तथा प्रेरणा का अवसर बताया। मेरठ में प्रदर्शन देखने वाले प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर, विधान परिषद सदस्य अश्विनी त्यागी और धर्मेंद्र भारद्वाज शामिल रहे।

नौ Hawk Mk-132 विमानों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने 2026 के प्रशिक्षण सत्र के सफल समापन के बाद मेरठ के नागरिकों के सामने अपने नए विन्यास का प्रदर्शन किया। टीम ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा भारत में लाइसेंस के तहत निर्मित नौ लाल और सफेद रंग के Hawk Mk-132 विमानों के साथ आसमान में शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दर्शकों को कई तरह के जटिल हवाई करतब देखने को मिले। इनमें

  • शानदार Loop
  • रोमांचक Barrel Roll
  • Inverted Flight
  • प्रसिद्ध ‘DNA’ Formation
  • बेहद करीबी दूरी पर Formation Flying
  • तिरंगे के रंगों वाला Smoke Trail शामिल रहे

हर करतब में पायलटों के बीच असाधारण समन्वय और सटीकता देखने को मिली।

पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ते हैं विमान

सूर्यकिरण के प्रदर्शन की सबसे रोमांचक विशेषताओं में से एक विमानों की बेहद कम दूरी पर उड़ान है। टीम के विमान कई करतबों के दौरान एक-दूसरे से पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ान भरते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी Formation को बनाए रखने के लिए उच्च स्तर के उड़ान कौशल, अनुशासन, एकाग्रता और टीम के प्रत्येक सदस्य के बीच पूर्ण विश्वास की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि सूर्यकिरण का हर प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि पेशेवर उड़ान कौशल और टीमवर्क का प्रदर्शन भी माना जाता है।

पहली बार Hawk विमानों से आसमान में दिखा तिरंगा

मेरठ एयर शो की एक महत्वपूर्ण विशेषता Hawk Mk-132 विमानों में किया गया स्वदेशी बदलाव भी रहा। भारतीय वायु सेना के नाशिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विमानों में विशेष धुआं छोड़ने वाले उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों से अलग-अलग रंगों का धुआं निकलता है। इसी व्यवस्था के कारण सूर्यकिरण के विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें बनाते हुए भारतीय तिरंगे का दृश्य प्रस्तुत कर सकते हैं। आसमान में विमानों द्वारा बनाए गए तिरंगे के रंगों ने दर्शकों के बीच विशेष उत्साह पैदा किया।

30 साल की यात्रा में 800 से ज्यादा एयर शो

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी।

लगभग तीन दशक की यात्रा में टीम भारत और विदेशों में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। सूर्यकिरण को एशिया की नौ विमानों वाली प्रमुख एरोबैटिक टीम के रूप में जाना जाता है और यह दुनिया की चुनिंदा एरोबैटिक टीमों में शामिल है। भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन के अलावा टीम ने अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भी भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। टीम ने चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और दुबई में भी प्रदर्शन किए हैं।

केवल एरोबैटिक टीम नहीं, ‘भारतीय वायु सेना की दूत’

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम अब केवल हवाई करतब दिखाने वाली टीम के रूप में सीमित नहीं है। यह विभिन्न देशों और स्थानों पर भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता और कार्यशैली का प्रतिनिधित्व भी करती है। टीम के प्रदर्शन के माध्यम से दर्शकों को भारतीय वायु सेना के अनुशासन, सटीकता, साहस, टीमवर्क और पेशेवर दक्षता को करीब से देखने का अवसर मिलता है। इसी वजह से सूर्यकिरण को भारतीय वायु सेना के एक महत्वपूर्ण ‘दूत’ के रूप में भी देखा जाता है।

युवाओं को रक्षा सेवाओं के लिए प्रेरित करने का माध्यम

मेरठ में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी, NCC कैडेट और NSS स्वयंसेवक मौजूद रहे। सूर्यकिरण के एयर शो का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को भारतीय वायु सेना और रक्षा सेवाओं के प्रति प्रेरित करना भी है। जब युवा पायलटों को बेहद जटिल परिस्थितियों में सटीक Formation में उड़ान भरते देखते हैं, तो उन्हें सैन्य विमानन में आवश्यक अनुशासन, प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और टीम भावना को समझने का अवसर मिलता है।

मेरठ के लिए क्यों खास रहा यह आयोजन?

मेरठ में पहली बार सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का प्रदर्शन होना स्थानीय लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। दो दिनों में एक लाख से अधिक दर्शकों की मौजूदगी ने इस आयोजन की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाया। सबसे खास बात यह रही कि सूर्यकिरण टीम के तीन सदस्य मेरठ से जुड़े हुए हैं। इनमें दो प्रदर्शनकारी पायलट भी शामिल हैं। इस स्थानीय जुड़ाव ने मेरठ और सूर्यकिरण टीम के बीच भावनात्मक संबंध को और मजबूत किया।

सूर्यकिरण की विरासत और भारतीय वायु सेना का संदेश

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की लगभग 30 वर्ष की यात्रा में उसके प्रदर्शन भारत की सैन्य विमानन क्षमता और पायलटों के प्रशिक्षण का सार्वजनिक प्रदर्शन रहे हैं।

टीम का हर प्रदर्शन दर्शकों को यह दिखाता है कि अत्यंत जटिल हवाई Formation को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए किस स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन, सटीकता और आपसी विश्वास की आवश्यकता होती है। मेरठ में 19 और 20 सितंबर का एयर शो भी इसी विरासत का हिस्सा रहा, जहां हजारों विद्यार्थियों और युवाओं सहित एक लाख से अधिक लोगों ने आसमान में भारतीय वायु सेना की एरोबैटिक क्षमता का प्रदर्शन देखा।

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Author: Ib News

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