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जयपुर/नई दिल्ली:ICMR-MINDS को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार, AI से बदल रही भारत की मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं,

Jaipur/New Delhi: ICMR-MINDS receives National e-Governance Gold Award; AI is transforming India's mental health services.

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AI और डिजिटल तकनीक के जरिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है ICMR-MINDS

IB News

जयपुर/नई दिल्ली:ICMR-MINDS को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार, AI से बदल रही भारत की मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की प्रमुख पहल आईसीएमआर-माइंड्स (ICMR-MINDS) को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नागरिक-केंद्रित सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नई तकनीकों के अभिनव उपयोग के लिए प्रदान किया गया।

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (NCEG 2026) के दौरान जयपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीएआरपीजी सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा भी उपस्थित रहीं।

ICMR-MINDS (Mental Health Integration and Digital Support System) एक अभिनव स्वास्थ्य परियोजना है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य एवं मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े विकारों की जांच और उपचार को गैर-संचारी रोगों (NCDs) के साथ एकीकृत करना है।

इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसका Clinical Decision Support System (CDSS) है, जो विशेषज्ञ डॉक्टरों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित गैर-विशेषज्ञ स्वास्थ्यकर्मियों को डिजिटल सहायता के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम बनाता है।

ICMR-MINDS प्लेटफॉर्म में कई अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं जैसे कि मानकीकृत डिजिटल स्क्रीनिंग और मूल्यांकन प्रणाली, AI आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, ऑफलाइन मोड में कार्य करने की क्षमता, बहुभाषी इंटरफेस, गेमिफाइड फीचर्स से उपयोगकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी, रीयल-टाइम एडमिनिस्ट्रेटिव डैशबोर्ड, संरचित रेफरल और बैक-रेफरल तंत्र और विशेषज्ञों पर निर्भरता में कमी व उपचार के दौरान रोगियों के ड्रॉपआउट में कमी लाना है।
ICMR-MINDS की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इससे जटिल मामलों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों का ध्यान केंद्रित हो सकता है, जबकि सामान्य और स्थिर मरीजों का फॉलो-अप उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही संभव हो जाता है। इससे विशेषज्ञों का समय बचता है, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होती हैं और उपचार अनुपालन बेहतर होता है व तृतीयक अस्पतालों का दबाव कम होता है तथा और मरीजों को निरंतर देखभाल उपलब्ध होती है।
यह परियोजना देश के सात राज्यों में सात प्रमुख संस्थानों के माध्यम से संचालित की जा रही है जिसमे एम्स गुवाहाटी (असम), गुजरात मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, अहमदाबाद, एम्स नई दिल्ली (हरियाणा परियोजना सहयोग), सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु, एम्स भोपाल और एम्स भुवनेश्वर व पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ है।
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा-“आईसीएमआर जटिल जन स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए डेटा-आधारित और स्केलेबल तकनीकी समाधानों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। हमारा लक्ष्य देश के नागरिकों के लिए किफायती, मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।”
ICMR-MINDS की सफलता में असम, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पंजाब के स्वास्थ्य विभागों, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों, जिला अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों और फील्ड टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित यह मॉडल भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पहल डिजिटल इंडिया, मानसिक स्वास्थ्य मिशन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में ICMR-MINDS एक राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभर रहा है।
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Author: Ib News

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