अरुण कुमार
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम और उसके भारत पर संभावित प्रभाव को लेकर शनिवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उभरती वैश्विक स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला, नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास वैश्विक व्यवधानों से निपटने का पर्याप्त अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उसी “टीम इंडिया” भावना के साथ मौजूदा चुनौतियों का सामना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए सतर्कता, तैयारियों और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और दैनिक समीक्षा के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है आपूर्ति शृंखलाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करेंस जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्रवाई करें,राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करेंस आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर निगरानी रखें, उर्वरक भंडारण और खरीफ सीजन की तैयारी सुनिश्चित करें और गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए सक्रिय रहें तथा पश्चिम एशिया में फंसे नागरिकों के लिए हेल्पलाइन शुरू करें।
प्रधानमंत्री ने नौवहन, समुद्री आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं के परिवहन से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और नकली एजेंटों से सावधान रहने की भी सलाह दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया जैसे कि जैव ईंधन,सौर ऊर्जा,गोबरधन योजना,इलेक्ट्रिक मोबिलिटी,पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन एवं उन्होंने घरेलू तेल और गैस खोज बढ़ाने की दिशा में राज्यों से सहयोग की भी अपील की।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार संकट से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क घटाया गया है, राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन 50% से बढ़ाकर 70% किया गया है। बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है,आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और निगरानी तंत्र सक्रिय है।मुख्यमंत्रियों ने उत्पाद शुल्क घटाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे नागरिकों को राहत मिलेगी।
बैठक के अंत मे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह साझा जिम्मेदारी है और “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए भारत इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपट लेगा। उन्होंने केंद्र-राज्य समन्वय, उद्योगों से संवाद और जनता का विश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
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