अरुण कुमार
नई दिल्ली/नागपुर
RSS स्थापना दिवस 2026: पीएम मोदी ने मोहन भागवत के संबोधन की सराहना की, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना दिवस और शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने नागपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष के विजयादशमी उत्सव में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के संबोधन को प्रेरणादायी बताते हुए सेवा, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता पर उनके विचारों की सराहना की।

1925 में हुई थी RSS की स्थापना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के अवसर पर की थी। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2025 से शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आयोजित किए गए। 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव को शताब्दी समारोहों के समापन के रूप में मनाया गया।
पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेशों की श्रृंखला में स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और संघ को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तित्वों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव के 100 वर्ष पूरे किए हैं। उनके अनुसार, अनगिनत स्वयंसेवकों ने कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र-प्रथम की भावना के साथ समाज के लिए काम किया है।
प्रधानमंत्री ने मोहन भागवत के संबोधन में राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और समाज को मजबूत बनाने से जुड़े विचारों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विशेष रूप से सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता तथा ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा का उल्लेख किया।
मोहन भागवत के संबोधन के प्रमुख मुद्दे
नागपुर के रेशिमबाग मैदान में विजयादशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने समाज की एकता, स्वदेशी, सामाजिक सद्भाव और संतुलित विकास सहित कई विषयों पर विचार रखे। उन्होंने विविधता का सम्मान करते हुए सामाजिक एकता मजबूत करने और राष्ट्र के विकास में नागरिकों की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
भागवत ने पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयाम बताए:
- सामाजिक समरसता: समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सद्भाव और आपसी जुड़ाव।
- कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संस्कार, संवाद और जिम्मेदारी को मजबूत करना।
- पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार।
- स्व-बोध और स्वदेशी: अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूकता और स्वदेशी को प्रोत्साहन।
- नागरिक अनुशासन: सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार और अनुशासित आचरण।
संघ प्रमुख ने कहा कि ये पहल केवल किसी एक वर्ष के कार्यक्रम नहीं, बल्कि दैनिक जीवन और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में निरंतर प्रयास हैं। उन्होंने युवाओं के सामने नशे की चुनौती, सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल और तकनीक के संतुलित उपयोग जैसे विषय भी उठाए।
शताब्दी वर्ष में संघ के कार्यक्रम
RSS के अनुसार, शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में संपर्क अभियान, सामाजिक सद्भाव बैठकें, युवा सम्मेलन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। संघ की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए विवरण के मुताबिक, संपर्क अभियान के अंतर्गत 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचने का दावा किया गया है। ये आंकड़े संघ द्वारा जारी कार्यक्रम रिपोर्ट पर आधारित हैं।
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं और मोहन भागवत के संबोधन ने सेवा, सामाजिक एकता, स्वदेशी और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा। संघ ने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के बाद भी पंच परिवर्तन और समाज आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही है।
RSS स्थापना दिवस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत, RSS शताब्दी वर्ष, विजयादशमी उत्सव, पंच परिवर्तन, नागपुर समाचार, देश की खबरें
#RSS #RSSSthapanaDiwas #NarendraModi #MohanBhagwat #RSSCentenary #Vijayadashami #PanchParivartan #Nagpur #IBNews









3 thoughts on “RSS स्थापना दिवस 2026: पीएम मोदी ने मोहन भागवत के संबोधन की सराहना की”
Nice
Good
Bhartiya Dharm Darshan k Sanskar…..