सुनीता अरुण
नई दिल्ली
57th GST Council: मीटिंग के बड़े फैसले: 10 दिन में Refund, 90% Claim 3 दिन में, ITC का दायरा बढ़ेगा, 57वीं GST Council बैठक में गुरुवार को टैक्स दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए GST रजिस्ट्रेशन, रिफंड, Input Tax Credit (ITC), रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई अहम सुधारों की सिफारिश की गई।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद बताया कि अब GST सिस्टम को अधिक ऑटोमेटेड और रिस्क-बेस्ड बनाया जाएगा। रूटीन रजिस्ट्रेशन बदलावों को ऑटोमेटिक स्वीकार करने, रिफंड प्रक्रिया तेज करने और कुछ अतिरिक्त कारोबारी खर्चों पर ITC का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
GST रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव, रूटीन बदलाव होंगे ऑटो-अप्रूव
GST Council ने रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमित बदलावों को आसान बनाने की सिफारिश की है। इसके तहत अतिरिक्त कारोबारी स्थान (Additional Place of Business) जोड़ने जैसे रूटीन बदलावों को ऑटोमेटिक स्वीकार करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। व्यापार के नाम, डायरेक्टर या पार्टनर तथा अतिरिक्त कारोबारी स्थान से जुड़े कुछ बदलाव भी सिस्टम के जरिए मंजूर किए जा सकेंगे।
रिपोर्टों के अनुसार करीब 66 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन amendment applications को ऑटोमेटिक प्रक्रिया में लाने का प्रस्ताव है। वहीं कम जोखिम वाले पात्र नए GST रजिस्ट्रेशन पहले से ही करीब तीन कार्यदिवस में ऑटोमेटिक तरीके से मंजूर किए जा रहे हैं। इससे कारोबारियों को हर छोटे बदलाव के लिए टैक्स अधिकारी के पास जाने या मैनुअल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम होगी।

GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल कराना भी होगा आसान
Council ने टैक्सपेयर्स द्वारा GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल कराने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की सिफारिश की है। खासकर कारोबार बंद होने की स्थिति में रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन की प्रक्रिया को अधिक ऑटोमेटेड बनाया जाएगा। अंतिम रिटर्न को भी क्लोजर आवेदन की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य कारोबार बंद करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए GST से बाहर निकलने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
Refund acknowledgment अब 15 नहीं, 10 दिन में
GST Council ने रिफंड क्लेम की acknowledgment प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव रखा है। अभी जहां acknowledgment के लिए 15 दिन तक का समय है, उसे घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की गई है। खास बात यह है कि यदि निर्धारित अवधि में acknowledgment या deficiency memo जारी नहीं किया जाता है, तो रिफंड क्लेम को deemed acknowledged माना जाएगा। इससे कारोबारियों को यह स्पष्टता मिलेगी कि उनका रिफंड आवेदन प्रक्रिया में स्वीकार माना गया है या नहीं।
90% रिफंड क्लेम 3 कार्यदिवस में मंजूर करने का प्रस्ताव
GST रिफंड प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव risk-based automatic sanction से जुड़ा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, जोखिम आकलन के आधार पर सिस्टम के जरिए 90 प्रतिशत पात्र रिफंड क्लेम को acknowledgment के बाद तीन कार्यदिवस के भीतर मंजूर करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। मौजूदा व्यवस्था में यह समय अधिक है। नए सिस्टम का उद्देश्य कम जोखिम वाले मामलों में अधिकारियों की मैनुअल भूमिका कम करके रिफंड को तेजी से जारी करना है। इसके अलावा कैश लेजर में मौजूद अतिरिक्त राशि के रिफंड को भी पूरी तरह ऑटोमेटिक बनाने की सिफारिश की गई है। इससे कारोबारियों की कार्यशील पूंजी जल्दी वापस आ सकेगी।
ITC का दायरा बढ़ेगा, कर्मचारी Health और Life Insurance भी शामिल
Council ने Input Tax Credit यानी ITC के दायरे को बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके तहत पात्र परिस्थितियों में कारोबार द्वारा कर्मचारियों के लिए किए जाने वाले Health Insurance और Life Insurance खर्च पर चुकाए गए GST का ITC उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कुछ अन्य कारोबारी खर्चों पर भी ITC की पात्रता बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
Telecom Towers और बाहर लगी Pipelines पर भी ITC
GST Council ने Telecom Towers तथा फैक्ट्री परिसर के बाहर लगाई गई कुछ Pipelines पर भी ITC उपलब्ध कराने की सिफारिश की है। यह फैसला खासकर टेलीकॉम, इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित कारोबारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में पूंजीगत और कारोबारी निवेश होता है।
Inverted Duty Structure में Input Services पर Refund
Inverted Duty Structure के तहत कारोबारियों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किया गया है। अब Input Services से संबंधित ITC को भी निर्धारित परिस्थितियों में inverted duty refund के दायरे में लाने की सिफारिश की गई है। यह सुविधा 1 नवंबर 2026 से लिए गए/अर्जित पात्र ITC पर लागू करने का प्रस्ताव है। Inverted duty structure ऐसी स्थिति होती है जब कारोबारी इनपुट पर अधिक GST चुकाता है, जबकि तैयार उत्पाद पर अपेक्षाकृत कम GST लगता है। ऐसी स्थिति में ITC जमा होता रहता है और कारोबार की working capital फंस सकती है।
Plant और Machinery के ITC Refund पर भी बड़ा प्रस्ताव
Council ने plant और machinery से जुड़े accumulated ITC को भी निर्धारित परिस्थितियों में refund के दायरे में लाने की सिफारिश की है। यह सुविधा 1 अप्रैल 2027 से अर्जित पात्र ITC के लिए प्रस्तावित है। रिपोर्टों के अनुसार इस refund को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।

GST दरों में इस बैठक में कोई बदलाव नहीं
57वीं GST Council बैठक की एक बड़ी विशेषता यह रही कि GST की मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आगे GST दरों से जुड़े बदलावों पर साल में एक बार विचार किया जाएगा और निर्णयों को 1 अप्रैल से लागू करने की व्यवस्था पर जोर रहेगा। इस बैठक में मुख्य ध्यान टैक्स रेट बदलने के बजाय process reforms पर रहा।
छोटे कारोबारियों को भी राहत
Council ने छोटे कारोबारियों के लिए भी अनुपालन प्रक्रिया आसान बनाने के कई प्रस्ताव रखे हैं। ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले कुछ B2C कारोबारियों के लिए सालाना रिटर्न और तिमाही टैक्स भुगतान की वैकल्पिक व्यवस्था पर भी सहमति बनी है। इसका विस्तृत ढांचा आगे तय किया जाएगा। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार करने वाले छोटे टैक्सपेयर्स के GST रजिस्ट्रेशन को भी सरल बनाने का प्रस्ताव है।
₹10 हजार तक के मामलों में GST नोटिस नहीं
GST compliance को सरल बनाने के लिए Council ने ₹10,000 या उससे कम की राशि वाले मामलों में GST notice जारी नहीं करने की सिफारिश की है। पहले से जारी ऐसे लंबित नोटिसों को वापस लेने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य छोटे-मोटे tax disputes और compliance litigation को कम करना है।
GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति पर भी बड़ा फैसला
57वीं बैठक में GST enforcement को लेकर भी महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं। वित्त मंत्री के अनुसार GST अधिकारियों के हाथों में मौजूद arrest powers को हटाने की सिफारिश की गई है, जबकि आपराधिक मामलों में prosecution की व्यवस्था बनी रहेगी। साथ ही prosecution की monetary threshold को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा गया है।
कारोबारियों के लिए क्या बदलेगा?
57वीं GST Council की सिफारिशों का व्यापक उद्देश्य GST व्यवस्था को अधिक ऑटोमेटेड, रिस्क-बेस्ड और कम मैनुअल बनाना है। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं-
- रूटीन GST registration amendments का automatic acceptance
- Additional Place of Business में बदलाव आसान
- GST registration cancellation सरल
- Refund acknowledgment: 15 दिन से घटकर 10 दिन
- समय पर जवाब नहीं मिलने पर deemed acknowledgment
- Risk assessment के आधार पर 90% eligible refunds को 3 working days में sanction करने का प्रस्ताव
- Cash ledger refund को automatic बनाने की सिफारिश
- Employee health और life insurance पर पात्र परिस्थितियों में ITC
- Telecom towers और कुछ external pipelines पर ITC
- 1 नवंबर 2026 से input services को inverted duty refund में शामिल करने का प्रस्ताव
- 1 अप्रैल 2027 से plant और machinery से जुड़े eligible ITC refund का प्रस्ताव
- ₹10,000 तक के मामलों में notice नहीं देने की सिफारिश
- GST arrest powers हटाने का प्रस्ताव
- Prosecution threshold ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने की सिफारिश
कारोबारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
GST व्यवस्था में registration, refund और ITC से जुड़ी प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कारोबार की working capital पर सीधा असर डालता है। रिफंड को तेज करने और कम जोखिम वाले मामलों में सिस्टम आधारित approval बढ़ाने से कारोबारियों के पैसे के लंबे समय तक टैक्स सिस्टम में फंसे रहने की समस्या कम हो सकती है। इसी तरह routine registration amendments के automatic approval से छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए compliance burden घटाने का प्रयास किया गया है।
हालांकि इन बदलावों को लागू करने के लिए संबंधित कानून, नियम, अधिसूचनाओं और प्रक्रियात्मक निर्देशों की जरूरत होगी। GST Council की सिफारिश अपने आप में हर बदलाव को तत्काल लागू कानून नहीं बनाती; प्रभावी तारीख और वास्तविक प्रक्रिया संबंधित अधिसूचना/कानूनी संशोधन से तय होगी।
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